पूरे देश ने देखा कि दिल्ली में दुष्कर्म, संसद में बहस - वो रो रही थी, मंत्री जी हंस रहे थे। सारा देश दिल्ली में हुई गैंगरैप वाली घटना को लेकर शर्मसार हैं, आंदोलित हैं। जिनके पास चरित्र हैं, वे स्वयं को मानव कहने पर अपमानित महसूस कर रहे हैं, पर कांग्रेसियों को लज्जा नहीं आती, ये देखिये, संसद में क्या कर रहे हैं। जब राज्यसभा में दिल्ली में गैंग रैप को लेकर, समुचा सदन अवाक् था। घटना को अंजाम देनेवालों आततायियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहा था। देश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला मंगलवार को उस गंभीर बहस के दौरान मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे। जबकि इसी सदन में जया बच्चन अपनी भावनाओं को रोक नहीं पायी और उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े, हालांकि जिस पार्टी से जया बच्चन आती हैं, उनके नेता मुलायम सिंह यादव की तो बात ही निराली हैं। इनके नेता मुलायम सिंह यादव, विधानसभा चुनाव के दौरान, सिद्धार्थनगर जिले में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान ये कह डाला था कि हमें सत्ता में लाईये, आपको देंगे बलात्कार भत्ता। ऐसे भी हम आपको बता दें कि जैसे हर विषय पर हर पार्टियों की अलग - अलग विचारधारा होती हैं, और वे उन विचारधाराओं को मूर्तरुप देने के लिए सतत प्रयत्नशील रहते हैं। उसी प्रकार बलात्कार जैसे विषय पर भी इनकी अलग - अलग विचारधारा हैं। संयोग से गर किसी ने इनके घर में ऐसी घटना कर डाली तो उसकी खैर नहीं, वे कानून खुद अपने हाथों में ले लेंगे, पर सामान्य जनों के लिए कानून, संविधान और पता नहीं क्या - क्या कह डालेंगे। जो उन्हें पता तक नहीं होता।
सबसे पहले कांग्रेसियों को देखिये कि इन्होंने समय - समय पर बलात्कार के बारे में क्या कहा हैं। सबसे पहले हरियाणा चलिए, जहां 2012 में इतने रेप के कांड हुए कि ये प्रदेश इसी के नाम से ज्यादा जाना जाने लगा। यहां के कांग्रेसी नेता इस कांड पर क्या - क्या बयान दिये हैं। जरा गौर करे। हरियाणा कांग्रेस के प्रवक्ता धरमवीर गोयल के अनुसार बलात्कार के लिए महिलाएं ही जिम्मेवार हैं, 90 फीसदी महिलाएं स्वेच्छा से रेप कराती हैं।
हरियाणा के ही विधायक संपत मीणा कहते हैं कि बलात्कार के लिए चाउमिन और पिज्जा जिम्मेवार हैं। कभी सोनिया गांधी ने ही हरियाणा कांड पर कहा था कि बलात्कार सिर्फ हरियाणा में ही नहीं पूरे देश में होते हैं। ऐसे में हम आपको बता दें कि कांग्रेसी सिर्फ बलात्कारियों पर ही इतनी उदारता नहीं दिखाते ये तो देश को मिट्टी में मिलानेवाली ताकतों पर भी अपनी कृपा बरसाते हैं। जैसे हाल ही में आपने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को सुना होगा कि कैसे उन्होंने सदन में हाफिज सईद को श्री लगाकर संबोधित किया। ऐसे इसी पार्टी का एक पागल नेता, जिसे दिग्विजय सिंह के नाम से जाना जाता हैं, ये ऐसी हरकतें बराबर किया करता हैं।
आप कहेंगे कि मुझे ये बात लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ गयी। मेरा कहना हैं कि जहां के राजनीतिज्ञों की सोच बलात्कार वाले मुद्दे पर एकमत नहीं हैं. जो इस प्रकार की अमानुषिक घटना को सामान्य ढंग से लेते हो। अपराधियों को सम्मान देते हो तथा गंभीर विषयों पर जब बहस हो तो उसे हंसी में उडा़ देते हो। तब ऐसी हालत में हम ऐसे राजनीतिज्ञों से ये क्यूं आशा रखे, कि ये देश में कानून का शासन स्थापित करेंगे और बलात्कार के दोषियों को सजा दिलवायेंगे। ये तो हमारी लाशों पर राजनीति कर रहे हैं। हमारी संतानों को, वे पशुओं से भी बदतर समझते हैं, तभी तो सत्ता का स्वाद चख रहे, इन मंत्रियों के चेहरे पर मुस्कान दिखी, गर ऐसा नहीं होता तो फिर ये भी हमारी तरह, आंदोलित व आक्रोशित होते। साथ ही गैर - जिम्मेदारानां बयान नहीं देते।
हम आपको बता दें कि आज जरुरत हैं, हर परिवार को कि वे अपनी बेटियों को लक्ष्मीबाई बनाये। ये संभव हैं। गर आपने लक्ष्मीबाई बना दिया यानी स्वरक्षा के उपाय बता दिये तो फिर किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वो आपकी बेटी को छू भी सकें। क्योंकि सरकार और पुलिस से स्वरक्षा का विश्वास रखना मूर्खता के सिवा कुछ भी नहीं। ये सरकार और ये पुलिस, सिर्फ और सिर्फ नेताओं और उनकी बहु-बेटियों की हिफाजत के लिए हैं। आम जनता के लिए नहीं। आम जनता तो बनी ही हैं - इन नेताओं की खुराक, जमकर, जहां होता हैं ये अपने पेट में, अपने हिसाब से खुराक डाल लेते हैं।