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Monday, June 17, 2013

घबराइये नहीं - इस बार बारिश के नक्षत्र दगा नहीं देंगे, खूब बरसेंगे.......................

घबराइये नहीं - इस बार बारिश के नक्षत्र दगा नहीं देंगे, खूब बरसेंगे.......................
जी हां। संदेश तो कुछ इसी प्रकार के दे रहे हैं, ये नक्षत्र। भारतीय मणीषियों ने नक्षत्रों के आधार पर, उनका विश्लेषण करते हुए पूर्व में भविष्यवाणियां किया करते थे, और ये बाते सत्य साबित होती थी। पिछले कई वर्षों से मैंने भी महसूस किया कि ऐसा सहीं हैं। जब - जब नक्षत्रों ने ये संदेश दिया कि इस बार बारिश नहीं होगी तो हुआ भी ऐसा ही बारिश नहीं हुई। जब नक्षत्रों ने सामान्य अथवा मूसलाधार बारिश के संकेत दिये तो उस साल भी इसी प्रकार की घटना घटित हुई। इस बार ये नक्षत्र क्या कह रहे हैं। इसे देखना वर्तमान में जरुरी हैं। बारिश के कई नक्षत्र हैं जो विभिन्न प्रकार से संदेश दे रहे हैं। ये कह रहे हैं कि भारतीय जनता घबराये नहीं, वैज्ञानिक कुछ भी कहें, नक्षत्र इस बार दगा नही देंगे। केवल एक ही नक्षत्र आश्लेषा मे्ं अल्पवृष्टि के संकेत हैं। आइये देखते हैं, नक्षत्रों के दृष्टिकोण में मानसून...................
क. आर्द्रा - 22 जून को दिन 11.41 से प्रारंभ - सामान्य वृष्टि
ख. पुनर्वसु - 6 जुलाई को दिन 1.16 से प्रारंभ - सामान्य वृष्टि
ग. पुष्य - 20 जूलाई को दिन 2.43 से प्रारंभ - सामान्य वृष्टि
घ. आश्लेषा - 3 अगस्त को दिन 2.03 से प्रारंभ - अल्प वृष्टि
ड. मघा - 17 अगस्त को दिन 1.51 से प्रारंभ - सामान्य वृष्टि
च. पूर्वा फाल्गुन - 31 अगस्त को दिन 10.33 से प्रारंभ - वार्युवृष्टिश्च
छ. उत्तरा फाल्गुन - 13 सितम्बर को रा. 4.42 से प्रारंभ - वार्युवृष्टिश्च
ज. हस्त - 27 सितम्बर को रा. 8.06 से प्रारंभ - वार्युवृष्टिश्च
झ. चित्रा - 11 अक्टूबर को दि. 8.35 से प्रांरभ - वार्युवृष्टिश्च
यानी साफ संकेत हैं कि एक नक्षत्र को छोड़, सभी नक्षत्रों से सामान्य से अधिक बारिश होने के संकेत हैं, अंतिम के चार नक्षत्र जैंसे पूर्वा फाल्गुन, उत्तरा फाल्गुन, हस्त और चित्रा तो आँधी-पानी के साथ बरसने के संकेत दे रहे हैं यानी झमाझम बरसेंगे नक्षत्र और लहलायेंगी फसलें................