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Tuesday, March 26, 2013

आजसू की महिला पंचायत यानी पैसा फेंको, तमाशा देखो......

24 मार्च को झारखंड के मोराबादी मैदान में आजसू ने महिला पंचायत बुलाई। इस महिला पंचायत को आर्गेनाइज करने में आजसू ने करोड़ो रुपये फूंक डाले। कुछ को एक दिन की मजदूरी का लालच देकर, कुछ को ये सपने दिखाकर कि उन्हें विधानसभा का टिकट दिया जायेगा, आजसू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। लाखों तो नहीं पर हजारों की संख्या में महिलाएं, इस महिला पंचायत में दिखी। कहीं पत्रकार नाराज न हो, अखबार व मीडिया नाराज न हो, इसके लिए जमकर इन पर भी धन लूटाये गये। महिला पंचायत के एक दिन पहले व बाद में भी अखबारों को मुंहमांगी रकम अदा की गयी। इलेक्ट्रानिक मीडिया को भी विज्ञापन दिये गये ताकि वे अपनी बात न रखकर, आजसू और सुदेश की जय जयकार के लिए ही मुंह खोले। हुआ भी ठीक ऐसा ही। भला रुपये लेकर, कोई गद्दारी कैसे कर सकता हैं। इसलिए जमकर सभी ने जय जयकार की। हालांकि इसका कितना फायदा मिलेगा, फिलहाल कुछ कहां नहीं जा सकता।
हुआ ऐसा हैं कि मीडिया के कुछ धुरंधरों ने आजसू और सुदेश को सब्जबाग दिखाये हैं ये कहकर की आनेवाले समय में जब कभी विधानसभा चुनाव होंगे तो आजसू की सीटें बढ़ सकती हैं। फिर क्या, इस सब्जबाग को जमीन पर उतारने के लिए आजसू ने कमर कस ली और हो गये शुरु। हर जिले में एक पंचायत बुलायी गयी। आजसू के नेताओं व कार्यकर्ताओं को कह दिया गया कि वे जमकर पैसे बटोरे और पंचायत पर खर्च करें, मीडिया के कबूतरों पर भी पैसे खर्च करें, गर वो एक शराब की बोतले मांगते हैं तो उन्हें दो नहीं बल्कि शराब से नहला दिया जाय, खूब पैसे दिये जाये उन्हें ताकि वे सोते - जागते, सिर्फ और सिर्फ आजसू और सुदेश के ही गुण गायें। आजसू के इस कार्यप्रणाली का फायदा भी मिला हैं, जब पैसों के बल पर, उसने हटिया सीट जीत ली। अब तो सुनने में ये भी आ रहा हैं कि एक मीडियाकर्मी को आजसू ने चुनाव लडा़ने की ठानी हैं, और इस एवज में उक्त मीडियाकर्मी ने एक रिपोर्टर को आजसू के साथ लगा दिया हैं कि वो जमकर उक्त रिपोर्टर को जैसे पाये, वैसे यूज करें। खूब जमकर आजसू के विजूयल, टिकटैक और समाचार भी दिखाये जा रहे हैं।
कमाल हैं, जो पार्टी भ्रष्ट आचरण अपनाकर सत्ता हासिल करने की ठानी हो, उससे सदाचार की बातें करना, क्या मूर्खता को सिद्ध करने के बराबर नहीं। हमें तो इस पार्टी के नाम से ही हंसी आती हैं, नाम हैं - आजसू यानी आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन, पर सच्चाई ये हैं कि इसके जितने भी विधायक हैं वे स्टूडेंट्स हैं ही नहीं, विशुद्ध राजनीतिबाज हैं, जो हमेशा सत्ता से चिपककर, सत्ता की राशि, अपने हित में डकार जाते हैं, ये वहीं पार्टी हैं जो बाबू लाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन और मधु कोड़ा के साथ भी सत्तासुख भोगी। ये सत्ता के बिना एक पल रह ही नहीं सकती, और ये झारखंड को महान बनाने की बात करती हैं। हां भाई आजकल ऐसे ही लोग तो देश व समाज का निर्माण करते हैं, क्योंकि आजकल इनकी संख्या बहुतायत हैं और लोकतंत्र में वहीं आगे बढ़ता हैं, जिनकी संख्या सर्वाधिक हैं. तो चलो भ्रष्ट आचरण अपनाकर, खूब पैसे लूटाकर, आम जनता को दिग्भ्रमित करें और वोट लेकर, सत्ता का परम सुख प्राप्त करें, क्योंकि जब मीडिया सत्ता में आने के पहले ही, उनकी आरती उतार रही हैं तो सत्ता आने के बाद तो उनके आगे साष्टांग दंडवत् करेगी।