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Friday, March 15, 2013

देश गलत हाथों में तो नहीं..................................

पाकिस्तान कश्मीर पर अपना दावा ठोकता है................
पाकिस्तान कश्मीर के एक तिहाई भाग पर अवैध रुप से कब्जा जमा रखा है....................
पाकिस्तान कश्मीर को लेकर, कई युद्ध हमसे लड़ चुका हैं और इसके लिए वो असंख्य युद्ध लड़ने का, समय - समय पर संकल्प भी लेता रहता है.................
पाकिस्तान ने कभी भी हमसे दोस्ती नहीं निभाई, बल्कि शत्रुता उसके रोम रोम में भरा पड़ा है...............
पाकिस्तान ने हमारे संसद पर हमला बोला...............
पाकिस्तान ने कारगिल युद्ध के दौरान हमारे पांच सौ से अधिक जवानों को मौत के घाट उतार डाला.........
पाकिस्तान और उसका आईएसआई भारत के विभिन्न महत्वपूर्ण शहरों में आतंकी विस्फोट करके, हमसे करीब पच्चीस - तीस वर्षों से परोक्ष युद्ध लड़ रहा हैं..................
उसने भारत में एक नया संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन बना डाला हैं, जिसको लेकर वो पूरे देश में भारत के खिलाफ ऐसा नफरत पैदा कर रहा हैं कि इससे बचना भारत के लिए मुश्किल की घड़ी हैं..............
हाल ही में कई साल पहले इनके आकाओं ने दस आतंकियों की खेप मुंबई में भेजी, जिन्होंने मुंबई में ऐसा कोहराम मचाया कि उस आतंक के सदमे से अभी तक देश निकल नहीं पाया...................
हाल ही में इसके आतंकी संगठनों ने कश्मीर में हमारे एक जवान का सिर काटकर ले गये.................
हाल ही में कश्मीर के सीआरपीएफ के कैंप पर इन्होंने आतंकी हमले कर कई जवानों को मार डाला...........
और 
अब एक नयी आंतकी घटना, पाकिस्तानी संसद ने अफजल की फांसी पर भारत के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया.....................
ऐसे तो जितने आतंकी घटनाएं पाकिस्तान ने भारत में कराये हैं, उसका लेखा जोखा ठीक से लिया जाये तो अब तक लाखों भारतीयों की इन आंतकी घटनाओं में जान जा चुकी हैं, पर हमारे देश के पालिटिशियनों को देखिये..............
खासकर कांग्रेसियों को, जिनके दिल में भारत, भारतीय सैनिकों और भारतीय नागरिकों के लिए जरा भी रहम नहीं हैं, वे क्या करते हैं। ये जानते हुए कि पाकिस्तान हमारे सैनिक का सर काट कर ले गया है उस पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ का जयपुर में शानदार स्वागत करते है, उनके साथ भोज करते है। इससे बड़ी शर्मनाक घटना भी कोई हो सकती हैं क्या.......................
हमें तो इनकी देशभक्ति पर ही प्रश्नचिह्न लगता हैं..............
इन पालिटिशियनों को देखिये, जब इनके खानदान के किसी भी व्यक्ति का जब कोई आतंकी संगठन अपहरण कर लेता हैं, तो वे अपने परिवार के सदस्य को बचाने के लिए ये पालिटिशियन कुख्यात आतंकियों को छोड़ देते हैं ( याद करिये वी पी सिंह के शासनकाल में मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद को छुड़ाने के लिेए कई आंतकी छोड़ दिये गये थे).......................
जिस देश में नेताओं का ऐसा चरित्र हो, उस देश का भी कोई सम्मान होता हैं या कोई अन्य देश सम्मान करता है क्या........उत्तर होगा - कभी नहीं.
अब एक नयी घटना देखिये...................
भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में भारत के जेल में बंद दो इतालवी नागरिकों को छोड़ दिया गया। ये दोनों नागरिक जैसे ही इटली पहुंचे, वहां की सरकार ने भारत को दो टुक जवाब दिया कि वो अपने इन दो इतालवी नागरिकों को भारत के हाथों नहीं सौंपेगा, गर भारत को लगता हैं कि ये दोषी हैं तो वो अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाये। 
इसके बाद क्या हुआ, वहीं जो होता हैं, हमारे देश की सरकार, सांप के बिल में घूस जाने के बाद, बिल के उपर लाठी पटकने लगी..................
आश्चर्य तो इस बात की हैं कि जब इटली प्रकरण पर कई चैनलों ने कांग्रेसी नेताओं को बहस के लिए अपने यहां बुलाया तो इन्होंने आने से इनकार कर दिया। ये घटना क्या बताती हैं। हमें लगता हैं कि ज्यादा बताने की जरुरत नहीं। इनका भारत प्रेम साफ झलक जाता हैं........................
अब बात आती हैं, जिस देश में सरकार में ऐसे लोग शामिल हो, जो अपने देश के प्रति वफादार न होकर, अपने परिवार और ऐसे लोगों के प्रति वफादार हो, जिनका दिल भारत के लिए धडकता ही न हो, तो क्या ऐसे लोगों के हाथों में भारत सुरक्षित हैं या यूं ही भारत, पाकिस्तान और अन्य भारत विरोधी देशों के हाथों अपमानित होता रहेगा...................
ये भारत से प्यार करनेवाले नागरिकों के सामने यक्ष प्रश्न हैं कि क्या भारत को घटिया स्तर के नेताओं, अपनी जमीर बेचनेवाले नेताओं के हाथों सौपकर निश्चिंत हो जायेंगे..................
जरा सोचिये................
क्योंकि फिलहाल देश गलत हाथों में है........................

Thursday, July 14, 2011

नेता पर लेख.............................


नेता एक दोपाया और खतरनाक जंगली जानवर होता है। मनुष्यों की तरह इसके भी दो आंख, दो कान, एक नाक और एक मुंह होते है, पर अपने दिमाग और पेट में रहनेवाले ज्वलनशील विचारों और कीटाणुओं के कारण ये आम आदमी से अलग हो जाता है। ये जानवर पूरे विश्व में अलग – अलग शक्लों में पाया जाता है और सभी जगह की जनता इनसे त्रस्त होती रहती है। ये वोट के चलते अपने देश को भी दांव पर लगा सकता है। इसका आवास संसद, विधानसभा और उनके पार्टी कार्यालय होते है। नेताओं के विचार से ओतप्रोत होकर, इनकी पत्नियां और इनके बेटे और बेटियां भी अनुप्राणित होती है, और देश की सामाजिक संरचना को चूहों और छुछुंदरों की तरह कुतरती रहती है। इनके जीवन का मुख्य उद्देश्य अपने देश की सम्मान को दूसरे देशों के आगे गिरवी रखना, अमरीका, स्विटजरलैंड, इटली तथा वेटिकन सिटी जैसे देशों के राष्ट्राध्यक्षों के आगे ताता-थैया करना होता हैं और जो इनके खिलाफ बोल रहा होता हैं, उसे सांप्रदायिक और देशद्रोही करार देकर फांसी पर लटका देना ही मुख्य मकसद होता हैं। जो आंतकी इस देश के खिलाफ आग उगलते हैं, ये नेता उनकी आरती उतारनें में अपनी शान समझते हुए, अपने खानदानों और अपने दल के कार्यकर्ताओं को, उसके पक्ष में जय जयकार करने का नारा देने का प्रस्ताव भी रखता हैं।
अपने देश में फिलहाल ऐसे नेताओं की संख्या 90 से 95 प्रतिशत हैं। इन नेताओं के आगे पत्रकारों की टोली भी चल रही होती हैं। ठीक उसी प्रकार जैसे जंगलों में शेरों के पीछे – पीछे सियारों और गीदड़ों की टोली चल रही होती हैं। जैसे शेर किसी का शिकार कर, अपना भोजन ग्रहण करने के बाद जूठन छोड़ देता हैं, फिर उस जूठन को सियार या गीदड़ खाते हैं, ठीक उसी प्रकार पत्रकारों का दल इन नेताओं के पीछे-पीछे चलकर खुद को अनुप्राणित कर रहा होता हैं। ऐसे दृश्य चुनावों के समय अथवा समय – समय पर बराबर दिखाई पड़ता हैं, पर किसी को इनके खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं होता, क्योंकि इनके खिलाफ बोलने पर, इन नेताओं के द्वारा विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने का अधिकार भी मिला होता हैं, जिसका ये नेता बराबर सदुपयोग करता रहता हैं। अब तक लाखों – करोड़ों लोग, इन नेताओं के शिकार बन चुके हैं, और बनने को कुछ तैयार भी हैं, पर फिलहाल इस जानवर से बचने के लिए, न तो डाक्टरों ने किसी टीके का इजाद किया हैं और न ही आनेवाले समय में इनसे मुक्ति मिलने के आसार है।
नेताओं का पेट ----------------
नेताओं का पेट ही इनकी बड़ी विशेषता हैं – आप कोई भी गैरकानूनी काम करें, इसके पेट में आप मुंहमांगी रकम डाल दें, आप मुक्त हो जायेंगे। इनका पेट ऐसा हैं, कि कभी भी इनका भूख शांत नहीं होता, ये डाकघर की डाकपेटी के समान हैं, कि कभी भी इनका पेट भरता नहीं। आप लाख इन पर घोटालों का केस करे, भ्रष्टाचार का आरोप लगायें, इनका बाल बांका नहीं होता, थोड़ी दिन तक तो ये जेल जाता हैं, पर जल्द ही जेल से निकल कर शेखी बघारता हैं। उसका उदाहरण ये हैं कि आजादी के बाद से अब तक किसी नेता को सजा ही नहीं मिली, क्योंकि नेता कभी गलत हो ही नहीं सकता, क्योंकि वो नेता है।
आजादी से लेकर अब तक कई हास्य कवियों ने इन नेताओं पर चुटकियां ली, पर इन नेताओं पर, इसका असर नहीं दिखता, क्योंकि भगवान इन्हें फुर्सत के क्षण में विशेष रुप से बनाया होता हैं, इसलिए नेता को आप कुछ भी नाम दें, वो नेता ही रहता है। आजकल नेता बनने का दौर चल गया हैं, इसलिए इनकी जनसंख्या बढ़ रही हैं। हाल ही में हुए जनगणना के दौराऩ इनकी संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई हैं, इसलिए पार्टियों और नेताओं की संख्या भी बढ़ रही हैं, इन नेताओं पर परिवार नियोजन का भी असर नहीं पड़ रहा हैं, ताकि ये नियंत्रित हो सकें, लेकिन इन्हें नियंत्रित करने के लिए पूरे देश में एक नये तकनीक पर काम चल रहा हैं, जिस दिन वो तकनीक बन गयी, ये नेता भी नियंत्रित हो जायेंगे, ऐसा तकनीक बनाने में लगे, वैज्ञानिकों का दावा हैं।
वैज्ञानिकों का ये भी कहना हैं कि आगामी 2020 तक नेताओं को नियंत्रित करने के टीका का इजाद कर लिया जायेगा, तब तक आप नेताओं के जंगली व्यवहार का शिकार होने से बचने के लिए, खुद ठोस प्रयास करें, फिलहाल एड्स और कैंसर की तरह नेताओं के काट से बचने के लिए कोई दवा बाजार में उपलब्ध नहीं हैं।

निम्नलिखित प्रश्ऩों के उत्तर संक्षेप में दें ----------------------
क. नेता, मनुष्यों से कैसे अलग हो जाता है ?
ख. नेता वोट के चलते क्या – क्या कर सकता हैं ?
ग. नेताओँ के पेट की क्या विशेषताएं हैं ?
घ. वैज्ञानिकों ने क्या दावा किया हैं ?
ङ. पत्रकारों और नेताओं में क्या संबंध हैं, वो इन संबंधों को किस प्रकार निभा रहा होता हैं ?