Monday, October 26, 2015

मीडिया की संकीर्ण मानसिकता...........

कल यानी 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के तहत अपनी विचारधारा भारतीय जनमानस के बीच रखने का प्रयास किया। इस कार्यक्रम को सभी चैनलों ने बारीकी से जनता के समक्ष रखा। प्रधानमंत्री ने इस मन की बात कार्यक्रम के दौरान बहुत ही अच्छी – अच्छी बातें की, गर उस पर सचमुच ध्यान दिया जाय तो मानवता और भारतीयता को बल मिलेगा। अंगदान, ग्रुप बी, सी एवं डी में साक्षात्कार की समाप्ति व सांसदों द्वारा गांवों को गोद लेकर उनके कायाकल्प का कार्य आदि बातों को प्रधानमंत्री ने जोरदार ढंग से उठाया और लगे हाथों प्रधानमंत्री ने स्वच्छता कार्यक्रम को भी जनता के समक्ष रखा।
इस स्वच्छता कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका की भी प्रधानमंत्री ने जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने आजतक, ईटीवी, जीटीवी, एबीपी, एनडीटीवी आदि चैनलों की जमकर प्रशंसा की, पर किसी चैनल ने अपने समाचार में ये नहीं बताया कि प्रधानमंत्री ने जब मीडिया की सराहना की तो उन्होंने सिर्फ एक चैनल का नाम नहीं लिया, बल्कि बहुतेरे चैनलों का नाम लिया, कुछ अखबारों का भी नाम लिया। सारे चैनलों ने अपने अपने समाचार के बुलेटिन में जब भी स्वच्छता कार्यक्रम के समाचार की बात हुई तो अपनी पीठ खुद थपथपाई, ये कहकर की प्रधानमंत्री मन की बात में उनके चैनल यानी जो चैनल समाचार प्रसारित करता, सिर्फ अपने चैनल का नाम लेकर समाचार का इतिश्री कर लेता। क्या ये संकीर्ण मानसिकता नहीं है?
अच्छा तो ये होता कि सारे चैनल, गांव व देश की सफाई के कार्यक्रम को जमीन पर उतारने की तरह अपने संकुचित मानसिकता की भी सफाई करते और ईमानदारी से लोगों को बताते कि प्रधानमंत्री ने विभिन्न चैनलों का नाम लिया और उन्हें इस बात की बधाई दी, कि वे स्वच्छता कार्यक्रम को महत्व दे रहे है।
मतलब समाज के सामने भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करनेवाले, नेताओं के बोली के बाल का खाल निकालनेवाले कितना एक दूसरे से ईर्ष्या करते है, ये बातें एक बार फिर कल स्पष्ट रुप से उजागर हो गयी। मैं रांची में भी देखता हूं कि कई अखबार बहुत अच्छे – अच्छे कार्यक्रम का आयोजन करते है, पर वह समाचार सिर्फ उसी अखबार में दिखाई पड़ता है, जो करा रहा होता है, क्या ये ईर्ष्या अथवा जलन नहीं है? गर ये ईर्ष्या व जलन है, तो फिर ऐसे लोगों से क्या समाज व देश का भला होगा, या हित होगा? इस प्रश्न को मैं जनता के समक्ष रख रहा हूं, जनता चिन्तन करें......

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