हमें बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा हैं, जिस कांग्रेस पार्टी में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरु, लाल बहादुर शास्त्री, सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे नेताओं ने अपने वाकपटुता और चरित्र के माध्यम से पूरे देश ही नहीं बल्कि विश्व को प्रभावित किया। जिनके आचरण को उतारने की सीख हमारे माता -पिता आजीवन देते रहे। आज उस कांग्रेस पार्टी में दिग्विजय सिंह, संजय निरुपम, मणिशंकर अय्यर और सुशील कुमार शिंदे जैसे नेताओं का बोलबाला हैं, जिनके चरित्र को उतारना तो दूर, उनके बोलचाल की भाषा को देख कोई भी माता - पिता अपने बेटे को, इनके भाषण को सुनने तक की इजाजत नहीं देगा। ऐसे हम आपको बता दें कि आज की कांग्रेस पार्टी को चला रही सोनिया व राहुल लाख कह लें कि वह पुरानी कांग्रेस को लेकर ढो रहे हैं, मैं मान नहीं सकता। क्योंकि पुरानी कांग्रेस पार्टी ने देश को चरित्र दिया, ताकत दी, महानता की सीख दी, आज की कांग्रेस सारी निर्लज्जता को पार कर चुकी हैं।
जरा दिग्विजय सिंह का बयान सुनिये -- ये कुख्यात आतंकवादी हाफिज सईद को जनाब कहके नवाजते हैं। जरा मणिशंकर अय्यर को देखिये - ये अपने प्रतिद्वंदियों को पशुओं से मिलान करते हैं।
जरा संजय निरुपम को देखिये -- अपने प्रतिद्वंदी पार्टी की एक महिला नेता को नाचनेवाली - ठुमके लगानेवाली कहकर संबोधित करते हैं।
पूर्व में गृह मंत्री और अब वित्त मंत्रालय संभाल रहे पी चिदम्बरम को तो केसरिया कलर में ही आतंकवाद नजर आता हैं, और इसी पार्टी के वर्तमान गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने तो भाजपा और संघ को हिंदू आतंकवाद से जोड़कर, एक नयी मिसाल कायम कर दी।
जिस देश में ऐसे ऐसे लोग महत्वपूर्ण मंत्रालय सँभालते हो, जिस पार्टी के नेता, जो ये कहते नहीं थकते कि उनकी पार्टी ने देश को आजादी दिलवायी हो, उन पार्टी के नेता, अपने प्रतिद्वदिंयों के लिए सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं करते हो। उससे देश चलेगा, हम मानने को तैयार नहीं। ये दिखावे के लिए तो पाकिस्तान और वहां चल रहे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ खूब बोलते हैं, पर सच्चाई ये हैं कि आज इतनी इनकी ताकत नहीं कि वे पाकिस्तान से सीधे - सीधे युद्ध कर, उसकी हेकड़ी निकाल दें। हां ये इतना जरुर करते हैं कि अपना वोट बैंक, मुस्लिमों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए, संघ और भाजपा को गंदी गंदी गालियों से नवाज जरुर देते हैं, और जब इनकी देशव्यापी आलोचना होती हैं तो बड़ी ही बेशर्मी से ये कह देते हैं कि उनकी बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर दिया गया।
सच्चाई ये हैं कि पूरे देश में महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं। इनके शासनकाल में भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड टूट गये हैं। महंगाई सुरसा की तरह मुंह बायें जा रही हैं। पूरे देश में पाकिस्तानी आईएसआई ने नक्सलियों के साथ मिलकर देश को निगलने को तैयार हैं जबकि बाहरी मोर्चे पर वो हरदम भारत को नीचा दिखाने की कोशिश करता हैं। आंध्रप्रदेश में तो कांग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाकर चलनेवाली एक पार्टी के नेता ने तो देश के साथ बगावत करने की बात कहीं, जिसके भाषण यू टयूब पर बिखरे पडे हैं, जो सीधे - सीधे हिन्दूओं को गाली देता हैं, उसके लिए, इस पार्टी के नेता अथवा किसी भी मंत्री के जुबां नहीं खुले, पर इन नामर्दों को देखिये, पुरुषार्थ दिखाने के लिए भाजपा और संघ ही इन्हें मिलता हैं।
दंगा कहीं भड़का तो भाजपा और संघ ने करा दिया और कहीं विकास के कार्य हुए तो बस कांग्रेस ने किया। जबकि सच्चाई ये हैं कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेसी शासन में किस प्रकार पूरे देश में सिक्खों का कत्लेआम हुआ, वो पूरा देश जानता हैं। कैसे हाल ही में असम में कांग्रेसी सरकार के होते हुए मानवता की हत्या कर दी गयी। कैसे असम में बांगलादेशी घुसपैठियों को सुनियोजित तरीके से बसाया जा रहा हैं और वहां के मूल वाशिंदे को खदेड़ा जा रहा हैं। इस पर इन्हें शर्म नहीं महसूस होता, पर जैसे ही गुजरात विधानसभा का चुनाव आता हैं, नरेन्द्र मोदी के रुप में उन्हें दंगाई नजर आता हैं। ये अलग बात हैं कि इन कांग्रेसियों के खिलाफ, गुजरात की जनता आज भी नरेन्द्र मोदी के पीछे सशक्त रुप से खड़ी हैं और नरेन्द्र मोदी को अपना नेता मानती हैं।
ऐसे एक बात पूरे देश को जान लेना चाहिए, कि कांग्रेसियों के इस चाल चरित्र को आगे बढा़ने में मुख्य भूमिका कांग्रेस भक्त पत्रकारों का भी हैं, जो समय - समय पर इन कांग्रेसियों के साथ मिलकर, देश को मिट्टी में मिलाने के लिए हर प्रकार का राग जनता के बीच अलापते हैं। जब कभी इन्हें मौका मिलता हैं, वे कांग्रेसियों के साथ हो लेते है। बदले में ये कांग्रेसी, कभी राज्यसभा तो कभी मुंहमांगी मुरादें देकर इन पत्रकारों को उपकृत करते रहते हैं और इसी में, यह देश मिट्टी में मिल रहा होता हैं। अब आगे देखिये कि कौन कांग्रेसी नेता, कब किस अन्य नेता को गाली देने के लिए अपना मुंह खोलता हैं। तब तक इंतजार करिये....................
