Friday, February 17, 2017

कुछ सवाल अपने मुख्यमंत्री रघुवर दास यानी शाहरूख खान से.....

कुछ सवाल अपने मुख्यमंत्री रघुवर दास यानी शाहरूख खान से......
भाई रघुवर दास जी उर्फ शाहरूख खान जी, अब तो मोमेंटम झारखण्ड खत्म हो चुका, खुब एमओयू भी कर लिये, हाथी भी उड़ा लिये, अब लगे हाथों जनता के सवालों का जवाब भी दे दीजिये...
सवाल इस प्रकार है...
1. आप हमेशा ईमानदार और पारदर्शी शासन की वकालत करने की दुहाई देते रहते है, तो लगे हाथों आप ये बताइये कि इस मोमेंटम झारखण्ड मेले में कितने रुपये खर्च हुए, ताकि हम आपकी पारदर्शिता को समझ सकें।
2. आपके पास सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग है, जिसका काम सरकार और जनता के बीच सेतु बनकर, सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है, फिर भी इस विभाग के रहते आपने अपनी ब्रांडिंग कराने के लिए तीन – तीन कंपनियों को झारखण्ड क्यों बुलाया?
3. क्या आप इस बात को स्वीकार करते है कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में जितने भी अधिकारी या कर्मचारी है, वे सभी अयोग्य है, जिसके कारण आपको प्रभातम, इवाई, एड फैक्टर, सीआइआइ जैसी कंपनियों को बुलाना पड़ा या कुछ और बात है।
4. जो कंपनियां माननीया राज्यपाल का नाम ठीक से नहीं लिख पाती, जिसे गवर्नर का स्पेलिंग नहीं आता, जो श्रीमती सही है या श्रीमति सही है का विभेद नहीं कर पाती, जो झारखण्ड के मानचित्र को बंगाल की खाड़ी तक पहुंचा देती है, ऐसी कंपनियों को आपने बुलाकर ये नहीं सिद्ध किया कि आपको ब्रांडिग के क्षेत्र में ज्ञान का अभाव है।
5. आखिर आप ये बताएं कि विभिन्न अखबारों में छपे विज्ञापन में जिस दिन मोमेंटम झारखण्ड का समापन होना है, उसमें राज्यपाल महोदया का फोटो क्यों नहीं है?
6. आपके द्वारा आयातित मूर्ख कंपनियों द्वारा लगाये गये राज्य के विभिन्न शहरों के होर्डिंगों में mineral को जिसने miniral लिख दिया, ताम्बा को जिसने तांबां लिख दिया, अबरख को जिसने अभ्रख लिख दिया, बोकारो को जिसने बुकारो लिख दिया। इस पर आप क्या कहेंगे?
7. आप यह भी बताये कि किसके कहने पर, किस अधिकारी के इशारे पर इन कंपनियों को झारखण्ड बुलाया गया, जिन्होंने राज्य के धन का दुरूपयोग किया, क्या इन कंपनियों के भाजपा या संघ या राज्य के किसी उच्चाधिकारियों के साथ संबंध है? क्योंकि अखबारों में छपे विज्ञापन से इनकी मूर्खता का स्पष्ट आकलन आम जनता को हो चुका है और यह भी सिद्ध हो गया कि सिर्फ इन्हें लाभ दिलाने के लिए और कमीशन प्राप्त करने के उद्देश्य से इन मूर्ख कंपनियों को मोमेंटम झारखण्ड में सम्मिलित किया गया।
8. आप यह भी बताये कि राज्य में असली शासन कौन चला रहा है, आप या कोई और, क्योंकि चर्चा यह भी है, कि असली शासन तो ब्यूरोक्रेट चला रहे है, आप तो सिर्फ मुहरे है।
9. आप यह भी बताये कि आइपीआरडी में जिस अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी हुआ, उक्त अधिकारी को आनन-फानन में आपने पुनः योगदान करने के लिए क्यों बुलाया और किसके इशारे पर ऐसा किया?
10. 16 फरवरी को आपके इशारे पर, जो चार पृष्ठों का पेड न्यूज की शक्ल में विभिन्न अखबारों में जो समाचार छपवाये गये, उसमें एक अखबार जिसका नाम दैनिक भास्कर है, उसने लिखा कि झारखण्ड ईज आफ डूइंग बिजनेस में शीर्ष पायदान पर पहुंच गया है, ये झारखण्ड कब शीर्ष पायदान पर पहुंचा, जरा आप आम जनता को बतायेंगे।
11. खेलगांव में जो मेक इन इंडिया का प्रतीक शेर बना है, उस शेर की आकृति को कुत्ते की शक्ल किसने दे दी?
12.  मोमेंटम झारखण्ड पर आप श्वेत पत्र जारी करेंगे?
कुछ सुझाव.....
1. मेले लगाकर कहीं भी निवेश नहीं होता, यह जान लीजिये, उसका सबसे सुंदर उदाहरण है – राजस्थान। जहां पिछले वर्ष इसी प्रकार का तामझाम कराकर निवेश हेतु मेला लगा था, पर हुआ क्या, नतीजा ठन-ठन गोपाल।
2. आप कहते है कि पूर्व में यहां स्थिर सरकार नहीं थी, जिसके कारण यहां निवेश नहीं हुआ, आज यहां स्थिर सरकार है, भाई रघुवर दास उर्फ शाहरूख खान जी, हम आपको बता दें कि राजस्थान में हमेशा से ही स्थिर सरकार रही है, फिर भी वहां निवेश नहीं हुआ, निवेश का स्थिर सरकार से उतना लेना-देना नहीं, जितना आधारभूत संरचना और कानून व्यवस्था से है।
3. आपके तो मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र में लड़कियां सुरक्षित नहीं, कुछ लड़कियां तो डर से मुंह ही नहीं खोलती और जो खोलती है, उसका जीना दूभर आप करवा देते है, उसे न्याय भी नहीं देते और न दिलवाते है, आपको याद है, ये लड़कियां आपके पास भी गुहार लगायी और अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला, हद हो गयी...
4. आपही के राज्य में रांची बूटी मोड़ में जिस लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या कर दी गयी, उस लड़की के हत्यारों और दुष्कर्मियों को आपकी पुलिस पकड़ नहीं पायी, यहीं नहीं आपके यहां कस्तूरबा में पढ़ रही लड़कियों के साथ क्या हो रहा है? वो तो आपको मालूम ही होगा, ऐसे भी मालूम होने पर भी आप क्या कर लेंगे, आप उन लड़कियों को न्याय थोड़े ही दिला पायेंगे, ये आपके हाथ में भी नहीं है, क्योंकि यहां तो सरकार कोई और चला रहा है।
5. आधारभूत संरचना का हाल तो यह है कि जिस रास्ते से सीएम गुजरे वह रास्ता एक ही साल में कई बार बन जाता है और रांची से जमशेदपुर जाने का रास्ता कब ठीक हो पायेगा, इसका जवाब तो किसी के पास नहीं है।
6. अंत में, यह मत भूलिये कि असली ब्रांडिग सीएम का काम करता है, न कि धूर्त कंपनियां। आप जरा पड़ोस के राज्यों पर नजर डालिये। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक अपने कार्यों से जाने जाते है, न कि धूर्त कंपनियों से ब्रांडिंग कराकर।
आशा है, आप उपरोक्त सवालों का जवाब जनता को अवश्य देंगे और शासन व्यवस्था स्वयं अपने हाथों में लेकर जनहित में फैसले लेंगे, क्योंकि दो वर्ष गुजर गये, तीन वर्ष आप शासन कर पायेंगे या नहीं, ये आपके फैसले पर निर्भर करेगा, एक बात और हठधर्मिता छोड़िये, कल के मोमेंटम झारखण्ड में आपके द्वारा दिया गया भाषण घमंड से भरा था, किसी राज्य के मुख्यमंत्री को इतना घमंड में नहीं रहना चाहिए। सरल बनिये, सहज बनिये और सहृदय बनिये। हो सके तो जितना कटआउट और जितना पोस्टर आप रांची या रांची के बाहर लगवाये है, उसे शीघ्रता से हटवाइये, क्योंकि ज्यादा मिठास और ज्यादा नमक भी भोजन को बेकार बना देता है। आप तो ज्यादा होशियार है, जरा कभी चाय में ज्यादा चीनी अथवा सब्जी में ज्यादा नमक डालकर देख लीजियेगा, पता चल जायेगा।
एक बात और अब समय टाटा-बिड़ला का नहीं, अंबानी और अडानी का है, राज्य की जनता ने देख लिया, अंबानी ने तो आपके कार्यक्रम से दूरी बना ली, गौतम अडानी स्वयं न आकर, अपने प्रतिनिधि को भेजा, जो देश के प्रतिनिधि आये, उनकी धाक भी उतनी अपने देशों में नहीं कि वे अपने देश में आपके लिए कुछ कर सकें, जो भी यहां आये, वे आंख में धूल झोंक कर जनता को गये है, ऐसे आपने छह-सात महीने में निवेश को जमीन पर उतारने का फैसला किया है, छह – सात महीने बीतते देर नही लगती। कुल मिलाकर मोमेंटम झारखण्ड, सच पूछिये तो ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कम, भाजपाई केन्द्रीय मंत्रियों का सम्मेलन ज्यादा नजर आया। इस दौरान रांची में टेम्पू व टैक्सी नहीं चले, लोगों को रेलवे स्टेशन तक आने और यहां से अपने गंतव्य तक जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, ये मत भूलिये, आनेवाले समय में जनता आपको माफ करने नहीं जा रही। अब भी मौका है, स्वयं को बदलिये, सीधे जनता से जुड़िये और जनसेवा में लग जाइये नहीं, तो जनता को हर नेता का इलाज करने आता है...
अरे हां, कभी मौका मिले तो ये गाना भी जरुर सुनियेगा, आपको फायदा पहुंचायेगा...
गाने के बोल है...
मीठी मीठी बातों से बचना जरा...
दुनिया के लोगों में है जादू भरा...

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